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ताहिर हुसैन दिल्ली दंगों में “गहरे षड्यंत्र का हिस्सा” कहकर जमानत याचिका खारिज

कड़कड़डूमा न्यायालय ने दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के आरोपी आम आदमी पार्टी (आप) के निलंबित निगम पार्षद ताहिर हुसैन की जमानत याचिका सोमवार (13 जुलाई) को खारिज कर दी।

न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने कहा, “दिल्ली दंगों का परिणाम गहरे षड्यंत्र का हिस्सा थे। ऐसा लग रहा है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के क्षेत्र में हुए दंगे संगठित तरीके से करवाए गए थे। पूरे मामले में हुसैन के शामिल होने के संबंध में जाँच की जा रही है।”

न्यायालय ने आगे कहा, “पीएफआई, पिंजरातोड़ और जामिया के सदस्यों के साथ के अलावा समन्वय समिति, यूनाइटेड अगेंस्ट हेट ग्रुप और एंटी-सीएए प्रदर्शनकारियों के साथ ताहिर के संबंध की भूमिका की जाँच भी की जा रही है।

बता दें कि क्राइम ब्रांच ने हिंसा के दौरान अंकित शर्मा की हत्या के मामले में अदालत में दाखिल 650 पन्नों की चार्जशीट में ताहिर हुसैन सहित 10 लोगों को आरोपी बनाया है। उनका दावा है कि अंकित शर्मा की हत्या और दंगों के पीछे गहरी साजिश हुई थी क्योंकि ताहिर हुसैन की अगुआई वाली भीड़ ने विशेष रूप से उनको निशाना बनाया था।