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कमलेश तिवारी हत्याकांड- एक हत्यारा निकला ज़ोमैटो डिलीवरी बॉय, कंपनी ने दी सफाई

हिंदू महासभा के पूर्व नेता कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में गुजरात एटीएस द्वारा राजस्थान बॉर्डर के पास गिरफ्तार किए गए दो मुख्य आरोपियों में से एक ज़ोमैटो का डिलीवरी बॉय रह चुका है।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, कमलेश तिवारी के दो कथित हत्यारे मोइनुद्दीनअहमद पठान और अशफाक हुसैन हैं। पूर्व में इनमें से एक ने ज़ोमैटो में डिलीवरी बॉय के रूप में काम किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने इस्लामिक पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ एक बयान के जवाब में हिंदू कार्यकर्ता की हत्या की है।

बता दें कि दोनों आरोपी भगवा कुर्ता पहनकर 18 अक्टूबर को दिवाली की मिठाई देने और राजनीतिक मामलों पर चर्चा करने के बहाने कमलेश तिवारी से उनके लखनऊ स्थित आवास पर मिलने गए थे। वहीं, पर आरोपियों ने कमलेश का पहला गला रेता और फिर गोली मारकर फरार हो गए।

इस वर्ष में यह दूसरा मौका है, जब ज़ोमैटो संवेदनशील मुद्दों पर घिरा नज़र आ रहा है। इससे पूर्व, जोमैटो को हलाल मांस को लेकर आलोचना झेलनी पड़ी थी। यही नहीं, मुस्लिम युवक द्वारा खाना पहुँचाने वाले मामले में सोशल मीडिया पर ट्रेंड की कंपनी को खाने का कोई धर्म नहीं होता कहकर सफाई देनी पड़ी थी।

कमलेश तिवारी हत्याकांड में एक ज़ोमैटो डिलीवरी बॉय के शामिल होने की खबर के बाद कंपनी के प्रवक्ता ने बयान जारी कर इस तथ्य को स्वीकार किया है।

कंपनी ने कहा, “हमारी आंतरिक जाँच से पता चला है कि उक्त व्यक्ति सूरत में 17 अगस्त 2018 को जोमैटो से जुड़ा था। उसे डिलीवरी बॉय बनाने से पहले एक बैकग्राउंड चेक (आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और चेक) हुआ था। इसके बाद उसे सूरत में नौकरी पर रखा गया था। उसने आखिरी बार 6 अक्टूबर को खाने की आपूर्ति की थी। फिर वह खुद अपनी मर्जी से हमारी कंपनी से अलग हो गया था।”