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जूना अखाड़ा का साधुओं की मौत के बाद ठाकरे को पत्र- “पुलिस बनी रही मूक दर्शक”

श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा ने 16 अप्रैल को भीड़ हिंसा में दो साधुओं सहित कुल तीन लोगों की भीड़ द्वारा हत्या के मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिख पुलिस की “सत्यनिष्ठा” पर प्रश्न खड़े किए हैं।

अपने पत्र में अखाड़े ने बताया कि साधु अपने गुरु श्रीमहंत रामगिरि की अकस्मात मृत्यु के बाद उनके अंतिम संस्कार के लिए मुंबई से गुजरात के लिए निकले थे जब पालघर में 200 लोगों की भीड़ ने उनपर हमला कर दिया।

पत्र में लिखा, “पुलिस की मौजूदगी में तीनों को लाठी, डंडे, रॉड, चाकू से पीट-पीटकर बेरहमी से मार डाला और पुलिस मूक दर्शक बनी रही।” 50,000 रुपये और भगवान के सोने के शृंगार के लूट की बात भी पत्र में कही गई।

प्रश्न उठाते हुए अखाड़े ने कहा, “पुलिस ने तीनों के बचाव के लिए हवाई फायरिंग क्यों नहीं की, जबकि तीनों पुलिस कस्टडी में थे।” “ऐसे में पुलिस की सत्यनिष्ठा भी संदिग्ध है।”, कहते हुए दोषियों पर कार्रवाई की माँग की गई।