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जेएनयू छात्रों ने वामपंथी नेताओं के आदेश पर की थी संसद की ओर कूच- दिल्ली पुलिस
आईएएनएस - 19th November 2019

दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा की गोपनीय रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों की संसद की ओर कूच करने की पहले कोई योजना नहीं थी।

“कुछ मुख्य सीपीआई एवं सीपीआई (एम) नेताओं की आज्ञा से जेएनयू के छात्रों ने फैसला किया कि वे सोमवार को संसद की ओर कूच करेंगे।”, दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा की गोपनीय रिपोर्ट में कहा गया।

खुफिया सूत्रों के आधार पर भारी मात्रा में पुलिस बल जेएनयू में तैनात था जिसमें से स्थानीय पुलिस के 800 सिपाही और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 10 कंपनियाँ तैनात थीं।

रविवार की देर शाम को कुछ सरकारी अफसरों ने जेएनयू के छात्रों से भेंट की और उनसे निवेदन किया कि वे संसद की ओर कूच ना करें। हालाँकि रिपोर्ट के अनुसार जेएनयू के वामपंथी छात्र संगठनों एआईएसए, एआईएसएफ और एसएफआई संसद तक मार्च को टालने से मना कर दिया।

सूत्रों ने बताया कि सोमवार सुबह वामपंथी छात्र संगठन के नेतृत्व वाली भीड़ ने बल से पुलिस लाइन की रुकावट (बैरिकेड) को पार किया।

रिपोर्ट के अनुसार बैरिकेड के टूटने के बाद छात्रों को शांत कराया गया जिसके बाद उन्हें बताया गया कि सरकार द्वारा एक उच्च शक्ति कमेटी गठित की गई है जो उनकी मांगों पर विचार करेगी। दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों द्वारा समझाए जाने के बाद छात्रों ने अपना मार्च रोक दिया।

उसके बाद औचक ही बड़ी संख्या में छात्र समूह हिंसक हो गए जिसके बाद छात्र समूह बैरिकेड तोड़कर अरबिंदो मार्ग से नई दिल्ली की तरफ बढ़ा। पुलिस ने ज़ोर बाग पर छात्रों को रोका।

एक छात्र संगठन ने सरकार के खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए जिसके बाद छात्रों ने बैरिकेड तोड़कर नई दिल्ली की तरफ कूच करने की कोशिश की। पुलिस ने बताया कि भीड़ को हिंसक होता देख कुछ छात्रों को हिरासत में लिया गया।