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शारजील इमाम की आवाज़ भड़काऊ भाषण के मेल खाती है, फॉरेंसिक रिपोर्ट में खुलासा

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र शारजील इमाम के खिलाफ देशद्रोह के कथित आरोपों को लेकर मुकदमा चल रहा है, जिसमें वह घिरते नज़र आ रहे हैं। वर्तमान विकास में केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) की जाँच में निष्कर्ष निकला है कि इमाम की आवाज़ भाषणों की क्लिप से मेल खाती है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उस पर गत वर्ष जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के परिसर में देशद्रोही भाषण देने का आरोप लगा है।

जाँच की रिपोर्ट की प्रति दिल्ली पुलिस ने शनिवार (25 जुलाई) को भाषणों की ट्रांसक्रिप्ट और वीडियो फाइलों के साथ न्यायालय में पेश की थी।

दिल्ली पुलिस ने पूर्व में कहा था कि शारजील इमाम ने पहले अपनी आवाज़ के नमूने देने से इनकार कर दिया था। इसके लिए उसने स्वीकृति 12 फरवरी को अदालत के आदेशों के बाद ही दी थी।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, इमाम द्वारा दिए गए भाषणों ने तनाव पैदा कर दिया था, जिसके कारण पिछले वर्ष 13 दिसंबर और 15 दिसंबर को जामिया मिलिया इस्लामिया के परिसर के बाहर हिंसा हुई थी। इसने पूरे देश में एक हलचल पैदा कर दी थी।

दिल्ली पुलिस ने इमाम पर भारतीय दंड संहिता 124ए के तहत देशद्रोह के आरोप में मामला दर्ज किया था और नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का विरोध करते हुए सड़कों को अवरुद्ध करने और आवश्यक आपूर्ति में बाधा पहुँचाने का भी आरोप लगाया था।