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जेएनयू राज-द्रोह मामले में दिल्ली पुलिस को आप सरकार ने नहीं दी स्वीकृति
राष्ट्रीय राजधानी की पुलिस ने दिल्ली की एक ट्रायल कोर्ट से कहा है कि वह 2016 राजद्रोह का मामले में जवाहरलाल नेहरू विशवविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए कोशिश के बावजूद भी दिल्ली सरकार की मंज़ूरी लेने में असमर्थ रही, इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया।
वहीं पुलिस ने कहा है कि उन्हें रुके हुए मामले में कुछ दिनों में ही मंज़ूरी मिलने की उम्मीद है। अदालत ने छानबीन कर रहे अफसर से सरकार के काम में तेज़ी लाने के लिए कहा है और मामले में जल्द मंज़ूरी की मांग की है। स्वीकृति प्राप्त करने के लिए अदालत ने 28 फरवरी की अंतिम तारीख दी है।
इससे पहले, 19 जनवरी को अदालत ने राज्य के कानूनी विभाग से अनुमोदन के बिना राजद्रोह के मामले में चार्जशीट दाखिल करने के लिए पुलिस को छूट दी थी।
अदालत ने प्रश्न उठाते हुए कहा, “कानूनी विभाग की अनुमति के बिना चार्जशीट को दर्ज क्यों किया गया?”
दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने कानूनी विभाग से सलाह मांगी है कि किन दिशा निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए क्योंकि संदर्भ के लिए इस तरह के मामले पूर्व में मौजूद नहीं हैं।
जेएनयू छात्र नेताओं खिलाफ आरोप पत्र 2016 में आयोजित एक घटना से उपजा है, जिसमें संसद हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु को श्रद्धांजलि दी गई थी। 2016 में अफजल गुरु के सहयोग में नारेबाजी भी हुई थी, कहा जाता है कि नारेबाजी में भारत-विरोधी नारे भी लगाए गए थे।