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जेएनयू शुल्क वृद्धि- निर्धारित मार्ग से भटककर राष्ट्रपति भवन जाने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज

जेएनयू के सैकड़ों छात्रों ने सोमवार को दूसरी बार शुल्क वृद्धि के मुद्दे पर राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च करने का प्रयास किया तो उनपर लाठीचार्ज कर दिया गया। पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की स्थिति तब बनी, जब वे जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्षा आइशी घोष के साथ मारपीट कर रहे थे। घोष को एक पुलिस जिप्सी वाहन से धक्का भी दे दिया गया।

शाम को जब आइशी घोष छात्रों को संबोधित कर रही थीं, तब उन्हें पुलिस जिप्सी से धक्का दे दिया गया। इसके बाद छात्रों की पुलिस से हाथापाई हो गई। पुलिस ने उन पर लाठीाचार्ज शुरू कर दिया। यहाँ तक कि मीडिया को पीसीआर वैन के अंदर खींचे जा रहे छात्रों के वीडियो लेने से भी रोक दिया गया। वीडियो पत्रकारों को घटना को कवर ना करने की चेतावनी दी गई। पुलिस की कार्रवाई के बाद भीड़ तितर-बितर हुई।

आइशी घोष ने बताया, “छात्रों को पहले हिरासत में लिया गया लेकिन यह अवैध है। आंदोलन कर रहे छात्रों को पुलिस पीसीआर वैन में डालती इससे पहले हमें घसीकर लात-घूंसों से पीटा गया।” हॉस्टल और मेस शुल्क में 400 प्रतिशत बढ़ोतरी का विरोध कर रहे छात्रों ने सोमवार को राष्ट्रपति से मिलने और उनकी मांगों को दबाने के लिए राष्ट्रपति भवन तक मार्च करने का फैसला किया था।

पुलिस की कार्रवाई तब हुई, जब छात्रों ने दक्षिणी दिल्ली के भीकाजी कामा प्लेस इलाके में लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की। उन्होंने स्वीकृत मार्ग से भटकने की कोशिश की। इससे पहले दिन में जेएनयू के सैकड़ों छात्रों ने जेएनयू परिसर से मार्च किया। मार्च लगभग चार घंटे देर से शुरू हुआ क्योंकि सुरक्षा बलों ने उसे रोकने के लिए जेएनयू के सभी गेटों को सील कर दिया था। जेएनयू छात्र संघ द्वारा बहुत समझाने के बाद ही मार्च की अनुमति मिली थी।