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‘कश्मीर हिंदुस्तान की जागीर नहीं’ के साथ जेएनयू में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का विरोध
आईएएनएस - 4th October 2019

केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो को जादवपुर विश्वविद्यालय में छात्रों के एक वर्ग द्वारा घेर जाने के बाद अब केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में वाम समर्थित छात्र नेताओं के विरोध का सामना करना पड़ा।

जेएनयू के कन्वेंशन सेंटर में अनुच्छेद 370 का उन्मूलन: शांति, स्थिरता और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में विकास विषय पर एक चर्चा का आयोजन किया गया था। इस पर व्याख्यान देने के लिए जम्मू-कश्मीर के एक वरिष्ठ नेता सिंह को भी आमंत्रित किया गया था।

इस आयोजन और केंद्रीय मंत्री का वामपंथी छात्रों ने विरोध किया। उन्होंने “कश्मीर है कश्मीरियों का, हिंदुस्तान की जागीर नहीं” जैसे नारे लगाए। इसके जवाब में आरएसएस से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने भी अपना विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने “कश्मीर से कन्याकुमारी, भारत माता एक हमारी” के नारे लगाए।

हालाँकि, दोनों पक्षों ने नारे लगाने के दौरान हिंसा का भी एक-दूसरे पर आरोप लगाया है। कार्यक्रम के बाद जेएनयू के कुलपति ममीडाला जगदीश ने ट्वीट किया, “जितेंद्र सिंह द्वारा धारा 370 को निरस्त करने पर दी गई प्रतिक्रिया स्पष्ट संकेत देती है कि जेएनयू समुदाय एक स्वर में एक राष्ट्र, एक संविधान का समर्थन करता है। मुट्ठी भर लोगों द्वारा विरोध एक स्पष्ट संकेत है कि हमारे देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का महत्व है।”

सितंबर में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो को कोलकाता के जादवपुर विश्वविद्यालय में वामपंथी छात्रों के विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा था।