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एप्को इंफ्राटेक को मिला अनुबंध, सुरंग से श्रीनगर-कारगिल में होगी अबाधित संयोजकता

अनुच्छेद 370 के समाप्त होने और दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजन के बाद जम्मू-कश्मीर में प्रमुख मार्गों के जुड़ाव के लिए भारत सरकार ने गुरुग्राम स्थित एप्को इंफ्राटेक को 6.5 किमी लंबी जेड-मोर सुरंग के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी है।

इकोनॉमिक टाइम्स  की रिपोर्ट के अनुसार, यह बड़ी परियोजना कश्मीर घाटी में श्रीनगर और लद्दाख में कारगिल के बीच सभी तरह के मौसम में जुड़ाव प्रदान करेगी। 2,378 करोड़ रुपये की इस परियोजना का काम पहले आईएल और एफएस कंपनी को सौंपा गया था। कंपनी में परेशानी खड़ी होने के बाद उसने एक साल के लिए काम रोक दिया था।

इसके बाद राज्य की ओर से चलने वाले नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) ने आईएल और एफएस का अनुबंध समाप्त कर दिया था। फिर परियोजना की नई बोली के लिए कंपनियों को आमंत्रित किया गया। इसमें एप्को इंफ्राटेक कंपनी निकलकर आई, जिसे योजना के लिए 296 करोड़ रुपये की वार्षिक राशि का हवाला दिया।

सुरंग का निर्माण बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) मॉडल पर किया जा रहा है। गुरुग्राम की कंपनी को अनुबंध मिलने के बाद 3.5 वर्ष में काम पूरा होने की संभावना है। आईएल-एफएस ने परियोजना का काम कम से कम 30 प्रतिशत पूरा कर लिया है। अब बाकी काम एप्को इंफ्राटेक को करना है।