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पाकिस्तान की गोलाबारी से ग्रामीणों को बचाने के लिए उरी में भूमिगत बंकर बनने शुरू

पाकिस्तान सेना द्वारा बिना वजह संघर्ष विराम के उल्लंघन के दौरान नागरिकों को गोलाबारी से बचाने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के साथ कई गाँवों में भूमिगत सामुदायिक बंकरों का निर्माण शुरू कर दिया।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, बारामूला जिले के उरी में ऐसे कई बंकरों का निर्माण शुरू कर दिया गया है। बंकरों को यह ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है कि वे कई दिनों तक लोगों को आश्रय देने में सक्षम हों। इनमें से प्रत्येक बंकर में दो कमरे और एक शौचालय शामिल होगा।

सामुदायिक बंकरों का निर्माण अनुमानित 10 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। यह कार्य जम्मू-कश्मीर प्रशासन के सड़क और भवन विभाग को सौंपा गया है। उसे 18 ऐसी इकाइयाँ बनाने के लिए कहा गया है, जो बोनियार और उरी क्षेत्र हैं। विभाग ने इनमें से छह बंकरों का निर्माण शुरू कर दिया है।

गौर करने वाली बात है कि यह पहला उदाहरण है, जब उरी में बंकरों का निर्माण किया गया है। यह सीमावर्ती क्षेत्र पर स्थित है और पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी देखी गई है।

इस विकास के लिए सरकार को धन्यवाद देते हुए वार्ड पाँच के सरपंच मंज़ूर अहमद ने कहा, “यह एक शानदार शुरुआत है। हमें इस क्षेत्र में लोगों के घरों पर इस तरह के बंकर बनाने की आवश्यकता है।”