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जम्मू-कश्मीर- उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत राज्य के अन्य नेता हिरासत में

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को सोमवार को हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई केंद्र सरकार द्वारा धारा 370 के प्रावधानों को खत्म करने के कुछ घंटे बाद की गई थी।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं को कथित तौर पर राज्य में किसी तरह के राजनीतिक संघर्ष और अस्थिरता से बचने के लिए हिरासत में लिया गया।

यह बदलाव गृहमंत्री अमित शाह के राज्यसभा में अनुच्छेद 370 को खत्म करने के लिए विधेयक पेश करने के बाद आया, जिस पर बाद में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हस्ताक्षर कर आदेश को प्रभावी बना दिया। विधेयक का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को पुनर्गठित कर दो केंद्रशासित प्रदेशों (यूटी) में विभाजित करना था। इसका मतलब जम्मू-कश्मीर विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश होगा और लद्दाख बिना विधानसभा वाला।

मुफ्ती और अब्दुल्ला के साथ जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेताओं सज्जाद लोन और इमरान अंसारी को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। मुख्यधारा के ये राजनीतिक नेता अनुच्छेद 370 में किसी तरह के बदलाव और राज्य के विभाजन के विरोध में थे।

महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार के इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी थी कि इसके खतरनाक और दूरगामी परिणाम होंगे। मुफ्ती ने इस कदम को आपत्तिजनक करार दिया था।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि इन नेताओं को 4 अगस्त की शाम से ही नजरबंद कर दिया गया था, जबकि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 5 अगस्त की मध्यरात्रि से श्रीनगर में धारा 144 लागू की थी।