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जम्मू-कश्मीर प्रशासन- यासीन मलिक, आसिया अंद्राबी पर यूएपीए कार्रवाई की अनुमति

जम्मू-कश्मीर प्रशासन के गृह विभाग ने जम्मू एवं कश्मीर मुक्ति मोर्चा (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक और दुख्तारन-ए-मिलात (डीएम) प्रमुख असिया अंद्राबी के खिलाफ गैर-कानूनी गतिविधियों के (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मुकदमा चलाने हेतु अपनी मंज़ूरी दे दी है।

आतंकवादी से अलगाववादी बने यासीन मलिक को 2010 में उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा के सुंबल इलाके के सादेर कूट बाला में देश विरोधी नारे लगाने से संबंधित एक मामले में अभियोजन पक्ष का सामना करना पड़ेगा क्योंकि केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन ने एक अधिसूचना जारी कर अपनी मंजूरी दी।

“जाँच के दौरान, यह पता चला है कि अभियुक्तों ने मुख्य चौक सादेर कूट बाला में नमाज़ अदा करने के बाद मस्जिद से बाहर आने वाले लोगों के सामने देश-विरोधी और कश्मीर की स्वतंत्रता के समर्थन में नारे लगाए थे जिससे देश की अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ लोगों के दिल और दिमाग में नफरत/डर फैल सकता था।”, 6 दिसंबर के गृह विभाग की अधिसूचना में लिखा है।

जम्मू-कश्मीर प्रशासन की एक अन्य अधिसूचना के अनुसार, अंद्राबी और उसके करीबी सहयोगी नाहिदा नसरीन और फहमीदा सोफी ने 2018 के शहरी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों के बहिष्कार और उसके प्रचार की वकालत की थी।

वर्तमान में दोनों नेता विभिन्न मामलों के तहत दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। मलिक 1990 में चार  भारतीय वायुसेना के कर्मियों की हत्या के मुकदमे का सामना कर रहा है, वहीं अंद्राबी पाकिस्तान के साथ कथित संबंधों के साथ अलगाववादी आंदोलन में अपनी भूमिका के लिए जेल में है।

जेकेएलएफ और डीएम दोनों पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद, यूएपीए के तहत एक अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए राज्य प्रशासन से अनुमोदन लेना अनिवार्य है।