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कश्मीर घाटी के 31 राजनेता और कार्यकर्ता सात माह बाद रिहा, प्रशासन ने हटाया पीएसए

लेफ्टिनेंट गवर्नर जीसी मुर्मू के नेतृत्व वाले जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के खिलाफ लगाए गए सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) को हटा दिया था। इसके बाद सोमवार (30 मार्च) को प्रशासन ने कश्मीर घाटी के अन्य 31 राजनेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ पीएसए को निरस्त कर दिया।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, संसद के विवादास्पद अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म करने और पिछले साल 5-6 अगस्त को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों में राज्य का विभाजन करने के बाद से नेताओं को हिरासत में रखा गया था।

महीने की शुरुआत में प्रशासन ने उमर अब्दुल्ला के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ पीएसए रद्द कर दिया था। हालाँकि, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती को पीएसए के तहत प्रशासन द्वारा हिरासत में रखा जाना अभी जारी है।

कुल मिलाकर 380 से अधिक लोगों को अब भी जम्मू-कश्मीर भर की विभिन्न जेलों में बंदी बनाए रखा गया है, ताकि घाटी में सामान्य स्थिति और शांति सुनिश्चित हो सके। इनमें जम्मू-कश्मीर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मियां अब्दुल कयूम और ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष यासीन खान शामिल हैं।