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जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने खराब स्वास्थ्य की वजह से की इस्तीफे की घोषणा

जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने शुक्रवार (28 अगस्त) को अपने बिगड़ते स्वास्थ्य का हवाला देते हुए इस्तीफा देने की घोषणा की। यह जानकारी देश के सार्वजनिक प्रसारणकर्ता एनएचके और अन्य स्थानीय मीडिया ने दी।

लंबे समय तक सेवारत प्रधानमंत्री शिंजो आबे आज पद छोड़ने के फैसले की घोषणा के बाद एक प्रेसवार्ता करेंगे। वह लंबे समय से पेट की बीमारी से जूझ रहे थे। वह अल्सरेटिव कोलाइटिस से पीड़ित थे।

संयोग से आबे ने 2007 में अपने स्वास्थ्य की वजह से प्रधानमंत्री के पद से अल्पकालीन कार्यकाल के बाद इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद एक नई दवा की खोज से उनकी सेहत सुधरी और दिसंबर 2012 में उन्होंने फिर जिम्मेदारी संभाली।

गत दो हफ्तों में लगातार अस्पताल का दौरा करने और गत दो महीने में प्रेसवार्ता में विफल रहने के बाद से उनकी खराब सेहत की अटकलें लगाई जा रही थीं। जुलाई की शुरुआत में प्रधानमंत्री कार्यालय में उनके खून की उल्टी करने की बात सामने आई थी। इसके बाद उन्होंने अगस्त में अस्पताल के कई दौरे किए।

आबे की कोविड-19 के दौरान कम सक्रिय रहने की वजह से काफी आलोचना हुई। देश को भी मौजूदा दौर में भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह से जीडीपी इस दशक के सबसे निम्न स्तर पर पहुँच गई है।

10 खरब डॉलर की प्रोत्साहन राशि देने के बावजूद जापान की अर्थव्यवस्था एक वर्ष पहले की तुलना में 2020 के पहले तीन महीनों में 3.4 प्रतिशत कम हो गई। यह 2015 के बाद से देश में सबसे बड़ी मंदी का दौर है।

जापान का राष्ट्रीय डेबिट पहले से ही विकसित देशों में सबसे अधिक है। 2019 की अंतिम तिमाही से देश की जीडीपी में 6.4 प्रतिशत की कमी आई। कोरोनावायरस के प्रकोप से जापान के निर्यात में भी गिरावट आई। देश को मजबूरन ओलंपिक भी स्थगित करना पड़ा।