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आरसीईपी को झटका? भारत नहीं जुड़ा तो जापान भी समझौते से नहीं जुड़ेगा

इसी महीने क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) से भारत के निकलने के बाद जापान ने चीन समर्थित क्षेत्रीय व्यापार समझौते में शामिल ना होने की आशंका जताई है।

ब्लूमबर्ग  की खबर के अनुसार इसी वर्ष 4 नवंबर को भारत केे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सबसे कमजोर नागरिकों की आजीविका पर संधि के संभावित प्रभावों  पर देश की चिंताओं को देखते हुए आरसीईपी व्यापार समझौते में शामिल ना होने का निर्णय लिया था।

हालाँकि चीन ने कहा था कि बाकी 15 देश इस समझौते का हिस्सा बनेंगे और जब भी भारत तैयार हो वह इस समझौते से जुड़ सकता है।

जापानी अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग के उप-मंत्री हिदेकी मकिहारा ने कहा, “हम इस (आरसीईपी) के बारेेेेे में नहीं सोच रहे हैं। हम सभी ये सोच रहे हैं कि भारत सहित वार्ता कैसे हो।”

“यह समझौता आर्थिक, राजनीतिक और संभावित रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। जापान भारत को इस समझौते के लिए तैयार करने का प्रयास करता रहेगा।”,  हिदेकी मकिहारा ने भारत को समझौते में शामिल करने पर कहा।

जापानी व्यापार मंत्री का यह बयान जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे के भारत दौरे से पहले आया है। हिदेकी मकिहारा भी शिंजो आबे के भारत दौरे के दौरान उनके साथ होंगे।