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जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय में फैशन शो बंद करवाने का कारण कहा इस्लाम को

शनिवार (30 मार्च ) को दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के 12 मज़बूत विद्यार्थी समूह ने ‘स्टूडेंट ऑफ़ जामिया’ के बैनर के साथ आंदोलन शुरू कर विश्वविद्यालय में हो रहे फैशन शो को बंद करवा दिया।

फैशन शो का विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि ऐसी गतिविधियाँ इस्लामी धर्म के खिलाफ हैं और जामिया की संस्कृति के खिलाफ है।इंडियन एक्सप्रेस  की खबर के अनुसार ‘स्टूडेंट ऑफ़ जामियाँ’ समूह के अरशद वारसी नामक एक सदस्य ने बताया कि वह पहले कार्यक्रम के आयोजक के पास गए थे और उन्हें बताया था कि यह इस्लामी धर्म के खिलाफ है लेकिन आयोजक की तरफ से जवाब न मिलने के बाद विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के स्थान पर धरना प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।

कार्यक्रम की आयोजक सदफ फातिमा ने कहा है कि आंदोलन विश्वविद्यालय बाहर के लोगों ने किया था और समय की कमी के कारण उन्होंने कार्यक्रम को रद्द किया था। वहीं एक तरफ कार्यक्रम के दूसरे आयोजक सईद मोहम्मद मेहदी रिज़वी ने अपनी फेसबुक पोस्ट के द्वारा बताया है कि कार्यक्रम बिलकुल भी शांतिपूर्वक नहीं हुआ यहाँ तक कि आयोजकों को डराया धमकाया भी गया था। साथ ही यह भी बताया कि उन्हें सुरक्षा मसलों की वजह से कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा था।

यह कार्यक्रम इंजीनियरिंग के शिक्षकों के तीन दिवसीय वार्षिक उत्सव (एक्स्टसी) का एक हिस्सा था। आयोजकों के पास शिक्षकों और विश्वविद्यालय के प्रशासन की अनुमति थी और प्रशासन के सहयोग से वह  को करवा रहे थे।

फैशन शो (तर्ज़-ए-लिबास) के आयोजन का समय शाम के पांच बजे का था लेकिन सुरक्षा मसलों के चलते उन्हें यह कार्यक्रम रोकना पड़ा।