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“जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान”- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

गुरुवार (3 जनवरी) को जालंधर में एक विज्ञान समारोह में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान” कथन में जोड़ते हुए “जय अनुसंधान” का नारा दिया, इकोनॉमिक टाइम्स  ने रिपोर्ट किया।

इस नारे का उद्गम लाल बहादुर शास्त्री द्वारा दिए गए “जय जवान, जय किसान” के नारे से हुआ है। इसके बाद वाजपेयी ने इसे रूपांतरित करके “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान” का नारा दिया था। इसमें जोड़ते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज का नारा जय जवान, जय किसान, जय अनुसंधान का है। मैं इसमें जय अनुसंधान जोड़ना चाहता हूँ।”

भारत का भविष्य- विज्ञान एवं तकनीक नामक भारतीय विज्ञान कांग्रेस के समारोह में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने भारत में हो रहे परिवर्तनों का श्रेय विज्ञान को देते हुए कहा कि इस उन्नति से हमारा भविष्य भी सुरक्षित हो रहा है।