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जगुआर लड़ाकू विमान से 1000 पाउंड के टैंकनाशक गाइडेड बमों का सफल परीक्षण

भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने जैसलमेर के पोखरण टेस्ट फायरिंग रेंज में उन्नत जगुआर लड़ाकू विमान के जरिए 1000 पाउंड के सीबीयू-105 स्मार्ट टैंकनाशक गाइडेड बम का सफल परीक्षण किया।

संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सट्रॉन डिफेंस सिस्टम द्वारा निर्मित बम को चिह्नित स्थानों पर सटीक वार के लिए जीपीएस से लैस किया जाता है। इसे किसी भी तरह के मौसम और दिन या रात में इस्तेमाल किया जा सकता है।

इस परीक्षण के दौरान आईएएफ और टेक्सट्रॉन डिफेंस सिस्टम के अधिकारी बम की सटीकता की जाँच के लिए पोखरण रेंज में मौजूद थे।

भारत सरकार ने 2010 में 512 सीबीयू-105 बमों का पहला ऑर्डर दिया था। जगुआर में उन्नत बमों को समायोजित करने में सक्षम बनाने के लिए विमान को ड्रेन-3 नेविगेशन और कॉम्बैट सिस्टम के साथ उन्नत किया गया था। यह एक बार में चार से लेकर छह सीबीयू-105 बम ले जा सकता है।

इन बमों और ड्रेन-3 नेविगेशन के साथ जगुआर को अब डीप पेनेट्रेशन स्ट्राइक एयरक्राफ्ट कहा जा सकता है। यह अपने हथियारों के साथ आतंकी शिविरों, एयरबेस और युद्धपोतों जैसे सतह के लक्ष्य को नष्ट कर सकता है। इसमें नई पीढ़ी के लेजर गाइडेड बम और सीबीयू -105 सेंसर फ्यूज बम शामिल हैं।