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जैक मा की अलीबाबा ने रिकॉर्ड जुर्माना लगाए जाने पर किया चीनी नियामकों का धन्यवाद

जैक मा की अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग लिमिटेड पर चीन द्वारा रिकॉर्ड जुर्माना लगाए जाने के बाद इस विशालकाय ई-कॉमर्स कंपनी ने उम्मीद से परे प्रतिक्रिया देते हुए चीनी नियामकों का धन्यवाद किया।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अपने खुले पत्र में कहा, “सरकार के समर्थन और सेवा के बिना अलीबाबा कभी इतनी तरक्की नहीं कर पाता। महत्वपूर्ण निरीक्षण, हर क्षेत्रों से सहिष्णुता और समर्थन हमारे विकास के लिए बहुत आवश्यक है। इसके लिए हम सरकार के कृतज्ञ और उनके लिए सम्मान से भरे हुए हैं।”

यह इस बात का संकेत है कि बाकी दुनिया की बड़ी तकनीकी कंपनियों की तुलना में इस कंपनी की स्थिति कितनी विचित्र है। ध्यान देने वाली बात यह है कि मार्क जुकरबर्ग और टिम कुक संभवतः इस तरह के सार्वजनिक आभार व्यक्त नहीं करते अगर अमेरिकी सरकार क्रमशः फेसबुक इंक या ऐप्पल इंक पर भारी जुर्माना ठोंक देती।

चीनी नियामक द्वारा की गई कार्रवाई सामान्य से बाहर लगती है। अमेरिका या यूरोप में इस तरह की बड़ी जाँच के लिए लगने वाले वर्षों की तुलना में बीजिंग के नियामकों ने सिर्फ चार महीनों में अपनी ऐतिहासिक जाँच पूरी कर डाली। उन्होंने देश की सबसे बड़ी संस्थाओं और अपने नेताओं को साफ तौर पर संदेश दे दिया कि प्रतिस्पर्धा विरोधी व्यवहार के परिणाम इस तरह के ही होंगे।

अलीबाबा पर लगाया गया 2.8 अरब डॉलर का भारी भरकम जुर्माना कई आशंकाओं को गंभीर रूप से बल देता है। साथ ही कंपनी के संस्थापक जैक मा के इंटरनेट साम्राज्य पर अनिश्चितता के बादल पैदा करने में मदद करता है। चीनी नियामकों ने कहा था कि 18.2 बिलियन युआन का जुर्माना अलीबाबा के 2019 के घरेलू राजस्व का सिर्फ चार प्रतिशत ही हिस्सा था।