समाचार
आईटीबीपी का ऊँचाइयों पर कब्ज़ा, एलएसी पर 39 से अधिक रक्षा स्थलों की कमान थामी

चीन के साथ बढ़ रहे गतिरोध को देखते हुए वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ भारतीय मोर्चों को और मजबूत करने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के कम से कम 30 जवानों ने महत्वपूर्ण काला टॉप क्षेत्रों की नई ऊँचाई वाली जगहों पर कब्ज़ा कर लिया है। वहाँ से वे चीनी सैनिकों पर नज़र रखेंगे और मोर्चाबंदी संभालेंगे।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आईटीबीपी के जवानों ने पैंगोंग सो झील के दक्षिणी किनारे पर स्थित ऊँचाई वाली मुख्य चोटियों पर कब्जा जमाया हुआ है। आईटीबीपी के महानिदेशक एसएस देसवाल ने सैनिकों के साथ सीमा के संवेदनशील क्षेत्र में छह दिन गुज़ारे थे। डीजीपी के अग्रिम क्षेत्रों के दौरे में जाने के बाद आईटीबीपी के इंस्पेक्टर जनरल (ऑपरेशंस) एमएस रावत ने साझा किया था, “यह पहली बार है, जब हम अच्छी संख्या में ऊँचाइयों वाले स्थानों पर मौजूद हैं।”

इस नई ऊँचाई पर पहुँचने के लिए सैनिक 4,995 मीटर ऊँची स्थित फुरचुक ला दर्रे से होकर गुज़रे हैं, जो पहले तक किसी के अधीन नहीं था। इससे पूर्व, आईटीबीपी केवल फिंगर 2 और फिंगर 3 क्षेत्र के पास धन सिंह पोस्ट में पैंगोंग के उत्तर की ओर मौजूद थी।

भारतीय सेना और स्पेशल फ्रंटियर फोर्स (एसएफएफ) के साथ आईटीबीपी अब हेल्मेट टॉप, काला टॉप और येलो बम्प के पास की पहाड़ियों पर अपना दबदबा बनाए हुए है। इन स्थानों से सीधे चीनी सेना के दक्षिण के पोस्ट नंबर 4280, डिगिंग एरिया और चुती चामला जैसे स्थानों पर होने वाली गतिविधियाँ साफ देखी जा सकती हैं।