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मिशन शक्ति- अंतरिक्ष मलबे पर नासा के सवाल का इसरो के वैज्ञानिकों ने किया खंडन

मिशन शक्ति की कामयाबी पर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने दावा किया था कि भारत के शक्ति मिशन ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) को खतरे में डाल दिया है। नासा के इस दावे को इसरो के वैज्ञानिकों ने सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, “अंतरिक्ष में मिसाइल के टेस्ट से जो मलबे के टुकड़े निकले हैं, वे छह महीनों में बिखरकर जल जाएँगे।”

नासा प्रमुख जिम ब्रेडेन्सटाइन ने भारत के एंटी मिसाइल परीक्षण की आलोचना करते हुए इसे भयानक बताया था। उन्होंने कहा था, “यह टुकड़े इतने बड़े नहीं हैं कि इन्हें ढूंढा जा सके। हमने 400 टुकड़ों की पहचान की थी। हम छह इंच से बड़े टुकड़ों की बात कर रहे हैं। ऐसे अब तक 60 टुकड़े मिल चुके हैं। यह परीक्षण आईएसएस समेत कक्षा के अन्य सभी सैटेलाइटों से नीचे रहकर किया गया था, लेकिन अब इसके करीब 24 टुकड़े आईएसएस के ऊपर चले गए हैं।”

इंडियन एक्स्प्रेस  की रिपोर्ट के अनुसार, इस पर इसरो अध्यक्ष के वरिष्ठ सलाहकार तपन मिश्रा ने कहा, “अच्छे दोस्त भी शादी के दिन यह कहकर आपकी आलोचना करते हैं कि खाना अच्छा नहीं है। हम जब कुछ अलग करते हैं तो हमेशा प्रशंसा ही नहीं होगी। यह ज़िंदगी का हिस्सा है। ये 300 किमी. दूर स्पेस में हुआ है, जहाँ हवा का दबाव कम है। मलबे के टुकड़े छह महीनों में बिखरकर जल जाएँगे।”

डीआरडीओ प्रमुख और वर्तमान में नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत ने भी नासा के दावों को खारिज किया है। उन्होंने कहा, “हर दिन के अंतरिक्ष मलबे के आंकड़ों में भिन्नता है। ऐसे में ये सभी बातें अटकलें हैं, जब तक हमें उत्तरी अमेरिकी एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (एनओआरएडी) की तरफ से कुछ कहा नहीं जाता है।”