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इसरो का सबसे वजनी उपग्रह जीसैट-11 प्रक्षेपित, इंटरनेट सेवाओं को मिलेगा लाभ

बुधवार तड़के 2:07 बजे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का सबसे वजनी उपग्रह जीसैट-11 प्रक्षेपित किया गया। दक्षिण अमरीका में फ्रेंच गुआना से एरियाने-5 रॉकेट द्वारा इसके सफल प्रक्षेपण की उल्टी गिनती दोपहर 1:14 से ही शुरू हो गई थी।

इसरो ने सूचना दी है कि इसके संचालन का सबसे अधिक लाभ ब्रॉडबैंड सेवाओं को मिलेगा। जीसैट-11 भारतीय उपमहाद्वीप के साथ-साथ आसपास के द्वीप समूहों पर भी बहु-बिंदू बीम कवरेज के माध्यम से उपभोक्ताओं को लाभ पहुँचाएगा।

5854 किलोग्राम वजनी इस उपग्रह को 74 डिग्री पूर्व में स्थित किया गया है। यह प्रति सैकंड 16 गीगाबिट्स की दर से डाटा के आदान-प्रदान की क्षमता रखता है। इसका जीवनकाल 15 वर्षों का होगा।

“जीसैट-11 के सफल प्रक्षेपण का श्रेय एरियाने स्पेस संस्थान व इसरो के वैज्ञानिकों को जाता है।”, डॉ के सीवान ने कहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसरो की सराहना कर बधाइयाँ दीं।

पूर्ण लॉन्च प्रक्रिया को दूरदर्शन के इस वीडियो द्वारा देखा जा सकता है-