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चंद्रयान-2 में चांद पर 13 भारतीय पेलोड और नासा का एक प्रयोग भी सम्मिलित- इसरो

बुधवार (15 मई) को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) ने जानकारी दी कि भारत के दूसरे चंद्र अभियान में चंद्रयान-2 13 पेलोड के अलावा नासा के लिए एक अप्रतिरोधी प्रयोग भी करेगा। इन 13 पेलोडों में आठ ऑर्बिटर, तीन लैंडर और दो रोवर होंगे।

जुलाई में लॉन्च किया जाने वाले यह मिशन 3.8 टन वजनी होगा। 9 जुलाई से 16 जुलाई के बीच इसे प्रक्षेपित किया जाएगा व 6 सितंबर को इसके चांद की सतह पर उतरने की अपेक्षा है, फर्स्टपोस्ट  ने बताया।

ऑर्बिटर चांद की सतह से 100 किलोमीटर ऊपर की कक्षा में चक्कर लगाएगे, वहीं लैंडर (विक्रम) चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा। इनका प्रक्षेपण जीएसएलवी एमके-III द्वारा किया जाएगा। रोवर (प्रज्ञान) का कार्य अपने स्थान पर प्रयोग करने का रहेगा।

इसरो के अध्यक्ष के सिवान ने बताया था कि हम जिस जगह पर लैंड करने वाले हैं, वहाँ पहले अध्ययन नहीं किया गया है। चंद्रयान-2, 10 वर्ष पहले हुए चंद्रयान-1 का ही अगला कदम है।