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पुलवामा हमला करने वाला इस्लामी आतंकी एक वर्ष पहले जुड़ा था जैश-ए-मोहम्मद से

22 वर्षीय आतंकवादी आदिल अहमद दार. जिसने केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आत्मघाती हमला किया, वह इसी जिले के गुंडिलबाग गाँव का लड़का था जिसने स्कूली शिक्षा को बीच में ही छोड़ दिया था, पुलिस रिकॉर्ड व सरकारी दस्तावेजों से पता चलता है।

गुंडिलबाग गाँव घटनास्थल से मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर है जहाँ उसने विस्फोटकों से भरी कार से सीआरपीएफ जवानों की बस में टक्कर मारी थी। दार ने मार्च 2017 में स्थानीय विद्यालय से 12वीं कक्षा की पढ़ाई अपूर्ण ही छोड़ दी थी।

वह 2018 में आतंकी समूह में शामिल हो गया और वास्तविकता में पुलिस ने उसके खिलाफ श्रेणी सी के तहत छह आतंकवादी रिकॉर्ड दर्ज किए हैं। रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि उसे आतंकी समूह जैश-मोहम्मद (जेम), हिजबुल मुजाहिदीन और लश्करतैयबा (लेट) के सदस्यों के साथ देखा गया था।

दक्षिण कश्मीर में तैनात एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया गया, “वह कोई बहुत बड़ा आतंकवादी नहीं था। वह पुलवामा के किसी अन्य आतंकवादी की तरह था और 2018 में लापता हो गया था।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार उसका चचेरा भाई भी आतंकवादी था और वास्तविकता में उसे एक मुठभेड़ के बाद मार गिराया गया था। और उसके बाद ही उसने स्कूल छोड़ दिया था। आत्मघाती हमले की खबर के बाद सुनने में आया कि गुंडिबाग में उसके लिए अंतिम संस्कार आयोजित किया गया था।

दार कथित तौर पर जैशमोहम्मद द्वारा भर्ती किया जाने वाला तीसरा स्थानीयफिदायीन” (आत्मघाती) आतंकवादी है। पहला आंतकवादी 17 वर्षीय अफाक अहमद शाह था जिसने श्रीनगर के बाहरी इलाके के बादामी बाग में 15 कोर मुख्यालय के बाहर विस्फोटक से भरे वाहन को उड़ा दिया था।

त्राल के 16 साल के फरदीन अहमद खान तीन अन्य विदेशी आतंकवादियों के साथ मारा गया था जब उन्होंने लेथपोरा में सीआरपीएफ प्रशिक्षण केंद्र में घुसकर पाँच कर्मियों की हत्या कर दी थी।