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सोशल मीडिया के माध्यम से आईएसआईएस चुनता है युवकों को- जाँच एजेंसियों के सूत्र

एनआईए के छापों के बाद जाँच एजेंसियों को अनुमान है कि आईएसआईएस ये भर्तियाँ ऑनलाइन माध्यम से कर रहा था। इसके लिए ऐसे युवकों को निशाना बनाया जा रहा था जो मूल रूप से कश्मीर के निवासी हैं और दिल्ली या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसी संस्थान में अध्ययन कर रहे थे।

पहले दिल्ली के जामिया मिलिया विश्वविद्यालय और ग्रेटर नोएडा के शारदा विश्वविद्यालय से दो छात्रों को आईएसआईएस में सम्मिलित किया गया था, लाइव हिंदुस्तान  ने बताया।

सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसे छात्रों को चुना जाता है जो दहशतगर्दों से सहानुभूति रखते हों। इसके बाद उनसे नज़दीकी बढ़ाई जाती थी और उन्हें आतंकियों के प्रति सहानुभूति महसूस कराने वाले साहित्य, वीडियो और ऑडियो भेजे जाते थे।

ब्रेनवाॉश करने के लिए आईएसआईएस की तरफ से अनवर अल अवलाकी और अब्दुल्ला आजम से जुड़ी किताबें और अन्य सामग्री भेजी जाती थी। उन्हें कहा जाता था कि इस्लाम खतरें में है और आईएसआईएस उसे बचाने का प्रयास कर रहा है। इससे उत्तेजित युवक संगठन में जुड़ जाते थे।