समाचार
45 वंदे भारत एक्सप्रेस रेल बनाने के लिए रेल मंत्रालय ने मंजूरी दी

भारतीय रेलवे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना, ‘मेक इन इंडिया’, कार्यक्रम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, चेन्नई में स्थित इंटेग्रेटेड कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) को जब भारत ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरा करने वाला है यानी कि 2021-22 तक ट्रेन-18 के संस्करण वंदे भारत एक्सप्रेस रेल की 45 ट्रेनों को अंतिम रूप देने के लिए मंजूरी दे दी है।

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (आरडीएसओ) ने पहले ही एक संशोधित डिजाइन को मंजूरी दे दी है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें वजन में हल्की हों, और कम बिजली का उपयोग करें, जो वर्तमान की वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के मामले में विवाद का एक प्रमुख बिंदु रहा है।

बता दें कि अभी एक ट्रेन दिल्ली और वाराणसी के बीच और दूसरी ट्रेन दिल्ली और कटरा के बीच चलती है।

45 ट्रेनों का अर्थ है 720 डिब्बे जिसको बनाने का आदेश आईसीएफ ने किया है और अब इन सभी 720 डिब्बों को आरडीएसओ द्वारा अनुमोदित ट्रेन-18 मॉडल के संशोधित डिजाइन पर बनाया जाएगा।

केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल के अध्यक्षता में रेल मंत्रालय द्वारा आईसीएफ को मिली मंजूरी पर विवाद तब हुआ जब रेल मंत्रालय में सभी ट्रेनों को बाहर से आयात करने के लिए वैश्विक निविदाओं को मंगवाने का कदम उठाया था और भरोसा दिलाया था कि इस कदम से भारत सरकार के, ‘मेक इन इंडिया’, कार्यक्रम से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

गौरतलब है कि इससे पहले रेल मंत्रालय ने कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री, और रायबरेली स्थित मॉडर्न कोच फैक्ट्री से 2021-22 तक 45 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को चलाने की प्रक्रिया में शामिल करने के लिए राय मांगी थी।