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एप्पल ने किया आवेदन, भारत को बनाना चाहता है आईफोन उत्पादन-निर्यात केंद्र

एप्पल के वैश्विक अनुबंध निर्माताओं फॉक्सकॉन और विस्ट्रॉन ने मोदी सरकार की उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के लिए आवेदन किया है। इसका उद्देश्य भारत को आईफोन्स के उत्पादन और निर्यात के लिए अपना अगला केंद्र बनाना है।

फाइनेंशियल एक्स्प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल ने सरकार की 41,000 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इसके लिए इस माह की शुरुआत से ही आवेदन लिए गए थे।

सूत्रों की मानें तो एप्पल के लिए वैश्विक अनुबंध निर्माताओं फॉक्सकॉन और विस्ट्रॉन ने योजना के लिए आवेदन किया है। स्थानीय दावेदारों में लावा, डिक्सन टेक्नोलॉजीज और कार्बन ने अभी तक आवेदन किए हैं। दोक्षिण कोरिया की सैमसंग और फ्लेक्सट्रॉनिक्स भी जल्द ही आवेदन कर सकते हैं।

फर्म 31 जुलाई तक आवेदन कर सकती हैं और अगस्त के शुरुआत तक चयनित कंपनियों की घोषणा कर दी जाएगी। शुरुआत में पाँच वैश्विक और पाँच स्थानीय कंपनियों को योजना का लाभ उठाने के लिए चयनित किया जाएगा।

फॉक्सकॉन और विस्ट्रॉन दोनों पहले से ही भारत में मौजूद हैं। उन्होंने पहले चेन्नई में उद्योग लगाया और फिर बेंगलुरु में। फॉक्सकॉन एप्पल के साथ अन्य कंपनियों के लिए भी फोन बनाता है। विस्ट्रॉन विशेष रूप से एप्पल के लिए ही काम करता है। वित्तीय वर्ष 2019 में फॉक्सकॉन का भारत में कारोबार 35,000 करोड़ रुपये का था।

सूत्रों की मानें तो पीएलआई योजना के तहत रोजगार सृजन की संभावना पाँच साल की अवधि में 15 लाख होगी। लगभग 90 प्रतिशत नौकरियाँ कर्मचारी स्तर पर होंगी, जहाँ औसत वेतन स्तर 22,000 रुपये के आसपास होगा। शेष 10 प्रतिशत नौकरियाँ पर्यवेक्षक स्तर की होंगी। वर्तमान में दोनों कंपनियाँ केवल भारतीय बाजार के लिए ही एप्पल फोन बनाती हैं।