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राजीव गांधी फाउंडेशन समेत तीन ट्रस्टों की जाँच के लिए अंतर मंत्रालय समिति गठित

गृह मंत्रालय (एमएचए) ने राजीव गांधी फाउंडेशन, राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट और इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा पीएमएलए, आयकर अधिनियम, एफसीआरए आदि कई कानूनों के उल्लंघन की जाँच के लिए अंतर-मंत्रालय समिति का गठन किया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बुधवार को एक ट्वीट में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समिति का नेतृत्व प्रवर्तन निदेशालय के विशेष निदेशक करेंगे।

जाँच का आदेश भाजपा द्वारा आरजीएफ को चीनी दूतावास से धन हासिल करने के आरोप लगाने के बाद दिया गया। यह आरोप लद्दाख में भारतीय सेना और चीन के बीच बढ़ते गतिरोध के बाद आया था।

इसको लेकर केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने सवाल किया था कि क्या यह भारत और चीन के बीच एक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की पैरवी के लिए रिश्वत थी? भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी मध्य प्रदेश में वर्चुअल रैली के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधा था।

इसके बाद कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने सीमा पर देश को लेकर चल रहे मुद्दों की बजाय कांग्रेस से लड़ने पर केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी। इससे पूर्व, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को 1 अगस्त तक 35 लोधी एस्टेट स्थित बंगला खाली करने का नोटिस दिया गया था।

पिछले वर्ष नवंबर में केंद्र सरकार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बच्चों राहुल गांधी व प्रियंका गांधी की एसपीजी सुरक्षा को वापस ले लिया था। उन्हें सीआरपीएफ द्वारा जेड प्लस सुरक्षा दी थी।

आरजीएफ फाउंडेशन की अध्यक्षता सोनिया गांधी करती हैं। अन्य ट्रस्टियों में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम, योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया, सुमन दुबे, अशोक गांगुली और संजीव गोयनका शामिल हैं।