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खुफिया एजेंसियों का अलर्ट- “करतारपुर साहिब गुरुद्वारा आतंकी प्रशिक्षण शिविरों से घिरा”

गुरुनानक देव की 550वीं जयंती पर भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए करतारपुर गलियारा खोले जाने में अब महज़ एक सप्ताह से भी कम समय बचा है। ऐसे में भारतीय खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सीमावर्ती जिले नारोवाल में आतंकवादी प्रशिक्षण गतिविधियों के सक्रिय होने की जानकारी दी है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह वही जिला है, जहाँ करतारपुर साहिब गुरुद्वारा स्थित है। खुफिया रिपोर्ट्स की मानें तो कई पुरुष और महिलाएँ उन शिविरों में प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह गलियारा भारत के पंजाब के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक साहिब को पाकिस्तान के पंजाब के नारोवाल जिले में स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारे से जोड़ता है।

सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि पाकिस्तान भारत में खालिस्तान एजेंडे का समर्थन करने के लिए सिख भावनाओं का फायदा उठाकर करतारपुर गलियारे का उपयोग करना चाहता है। यह भी माना जा रहा है कि करतारपुर में दुनिया के अन्य हिस्सों से भी सिख पहुँचेंगे। इनमें कई खालिस्तान समर्थक हो सकते हैं, जो आशंका है कि आईएसआई के संपर्क में भी आ सकते हैं।

खुफिया एजेंसियाँ ​​भी सिखों पर नज़र रख रही हैं। फिर भी उनका डिजिटल मीडिया और विदेशी माध्यमों से प्रचार चिंता का विषय बना हुआ है। भारत में सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब पुलिस से अनुरोध किया है कि वे पाकिस्तानी सिम कार्ड के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाएँ।

दरअसल, भारतीय क्षेत्र के अंदर 3-4 किमी तक पाकिस्तान मोबाइल नेटवर्क फैला हुआ है। इसका इस्तेमाल ड्रग तस्करों और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों द्वारा पाकिस्तान के सिम कार्ड का इस्तेमाल करके किया जा सकता है।