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भारत का स्वदेशी विमान वाहक आईएनएस विक्रांत मज़बूत प्रबंधक प्रणाली से लैस

भारतीय नौसेना का पहला स्वदेशी विमान वाहक आईएनएस विक्रांत एक कमांड के तहत अपनी क्षमताओं के तालमेल के लिए एक मज़बूत प्रबंधक प्रणाली (सीएमएस) से सज्जित हो रहा है। इकनोमिक टाइम्स  की खबर में बताया गया।

सीएमएस को टाटा शक्ति सामरिक अभियांत्रिकी विभाजन, इलेक्ट्रॉनिक्स प्रणाली अभियांत्रिकी स्थापना और रूस के मार्स द्वारा सह विकिसित किया जाएगा। इस प्रकार ‘मेक इन इंडिया’ की पहल में एक बड़ी सफलता को जोड़ा जा रहा है।

औपचारिक रूप से प्रणाली प्राप्त करने के बाद भारतीय सेना ने बताया कि निजी कंपनियों की भागी दारी और स्वदेशी विकास को बढ़ावा देने की ओर भारतीय नौसेना का जीओआई के साथ यह एक बड़ा कदम है। “सीएमएस को औपचारिक रूप से अपनाने से पूर्व उसके सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर कई परीक्षणों से गुज़रे हैं। सभी परीक्षणों को सफलतापूर्वक पूर्ण होने के बाद ही उन्हें अपनाया गया है।” भारतीय नौसेना ने कहा।

नौसेना का सीएमएस वाहक का सेंसर, हथियार एवं वितरण प्रणाली, डाटा लिंक और निर्देश लाइनों को एकीकृत करता है। विक्रांत को आईएसी-1 भी कहा जाता है, कोच्ची में शिपयार्ड पर अपने निर्माण के तीसरे एवं अंतिम चरण पर है और उसके समुद्री परिक्षण 2020 से शुरू होने की संभावना है। पूरी तरह तैयार होने के बाद विक्रांत एक साथ 20 लड़ाकू विमान और 10 सहयोगी विमानों को संचालित कर सकता है।