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मालाबार अभ्यास में आईएनएस विक्रमादित्य के साथ होगा सुपरकैरियर यूएसएस निमित्ज़

भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य और यूएस के सुपरकैरियर यूएसएस निमित्ज़ हिंद महासागर में मालाबार अभ्यास में भाग लेंगे।

दोनों विमानवाहक पोत इस महीने के अंत में अरब सागर में होने वाले मालाबार अभ्यास के दूसरे चरण में जापानी समुद्रीय आत्मरक्षा बल और रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के युद्धपोतों के साथ अभ्यास करेंगे। अभ्यास का पहला चरण 6 नवंबर को बंगाल की खाड़ी में पूरा हुआ था।

यह पहली बार नहीं है, जब दोनों विमान वाहक एकसाथ अभ्यास में भाग लेंगे। 2017 में दोनों युद्धपोतों ने मालाबार अभ्यास में हिस्सा लिया था।

मालाबार अभ्यास का यह संस्करण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल, यह एक दशक में पहली बार युद्ध के लिए सभी चार क्वाड देशों को एकसाथ लाया है।

पूर्वी लद्दाख में भारत व चीन के बीच चल रहे तनाव, दक्षिण चीन सागर में अमेरिका व चीन और ऑस्ट्रेलिया व चीन हिंद महासागर में व्यापार के मुद्दे पर नौसैनिक अभ्यास को अधिक महत्व दे रहे हैं।

गत कुछ वर्षों में भारत ने सैन्य सहयोग बढ़ाने के लिए अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ लॉजिस्टिक एक्सचेंज समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। मालाबार नौसैनिक युद्ध जैसे सैन्य अभ्यास का उद्देश्य चीन से खतरों का मुकाबला करने के लिए क्वॉड देशों की सशस्त्र बलों की क्षमता में सुधार करना है।

हिंद महासागर में चीन की उपस्थिति 2008 से बढ़ रही है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने हिंद महासागर में न केवल युद्धपोतों और पारंपरिक पनडुब्बियों को बल्कि अपनी परमाणु पनडुब्बियों को भी तैनात किया है। यह पहले ही जिबूती में एक नौसैनिक अड्डे की स्थापना कर चुका है और निकट भविष्य में पाकिस्तान में इसके होने की संभावना है।