समाचार
मुख्य न्यायाधीश ने माना कि बाबर के समय में मंदिर की भूमि पर बनी थी बाबरी मस्जिद

समय के अनुसार अयोध्या विवाद में निर्णय सुनाया जाना 10.30 बजे शुरू किया गया और मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा कि पूरा फैसला सुनाने में उन्हें 30 मिनट का समय लगेगा।

सबसे पहले शिया-सुन्नी मामले में निर्णय सुनाया गया जिसमें शिया बोर्ड की याचिका को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया गया है। मुख्य न्यायाधीश ने माना कि बाबर के समय में मीर बाकी ने बाबरी मस्जिद बनाई थी।

इसके अलावा निर्मोही अखाड़ा की याचिका को भी खारिज कर दिया गया है। अब राम लला विराजमान व सुन्नी वक्फ बोर्ड के बीच मालिकाना हक पर निर्णय सुनाया जाना है।

भारतीय पुरातत्व विभाग के साक्ष्यों को महत्त्वपूर्ण माना गया। यह भी स्वीकृत हुआ कि बाबरी मस्जिद खाली भूमि पर नहीं बनाई गई थी बल्कि एक गैर-इस्लामी संरचना पर बनाई गई थी यानी वहाँ पहले एक मंदिर था।