समाचार
बेंगलुरु- कोरोना फैलाने को कहने वाले मुजीब को इंफोसिस ने निकाला, हिरासत में

भारतीय आईटी प्रमुख इंफोसिस ने शुक्रवार (27 मार्च) को घोषणा की कि उसने उस कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया है, जिसने सोशल मीडिया पोस्ट में लोगों को कोरोनावायरस फैलाने के लिए बाहर निकलने और छींकने के लिए प्रोत्साहित किया था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है।

इंफोसिस के अधिकारी ने ट्विटर पर कहा, “कंपनी ने इस मामले में अपनी जाँच पूरी कर ली है। उसमें पाया गया कि कर्मचारी द्वारा की गई पोस्ट कंपनी की आचार संहिता और जिम्मेदारी सामाजिक नागिरक होने की उसकी प्रतिबद्धता के खिलाफ थी।” एक फेसबुक पोस्ट में उक्त कर्मचारी ने लिखा था, “चलो हाथ जोड़ो, बाहर जाओ और खुले मुँह से सार्वजनिक रूप से वायरस को फैलाओ।”

मुजीब मोहम्मद के रूप में कर्मचारी की पहचान की गई है, जो कंपनी में एक वरिष्ठ इंजीनियर के रूप में काम कर रहा था। बेंगलुरु स्थित कंपनी ने आगे कहा, “इस तरह के कृत्यों को हम बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। नीतियों के उल्लंघन के तहत उक्त कर्मचारी को कंपनी से निकाल दिया गया है।”

मामले की जाँच कर रहे बेंगलुरु के संयुक्त पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल ने एक बयान में कहा, “गलत संदेश फैलाने वाला व्यक्ति लोगों को बाहर जाने, छींकने और वायरस फैलाने के लिए उकसा रहा था। उसका नाम मुजीब है। वह एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता है। वह करीब 25 वर्ष से बेंगलुरु में रह रहा है। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।”