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सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जासूसी के सारे आरोपों को बताया गलत

लोकसभा में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार (19 जुलाई) को जासूसी के आरोपों का जवाब दिया।

गैर-लाभकारी फ्रांसीसी मीडिया फॉरबिडन स्टोरीज़ और एमनेस्टी इंटरनेशनल की एक हालिया रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि दो सेवारत कैबिनेट मंत्रियों, तीन विपक्षी नेताओं, एक संवैधानिक प्राधिकरण, सरकारी अधिकारियों, वैज्ञानिकों और करीब 40 पत्रकारों सहित करीब 300 भारतीयों पर निगरानी रखने के लिए सॉफ्टवेयर का उपयोग किया गया था।

इस पर अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस रिपोर्ट का आधार है कि एक सहायता संघ है, जिसकी 50,000 फोन नंबरों के लीक हुए डेटाबेस तक पहुँच है। आरोप है कि इन फोन नंबरों से जुड़े लोगों की जासूसी की जा रही थी।

हालाँकि, रिपोर्ट कहती है कि डाटा में एक फोन नंबर की उपस्थिति से यह पता नहीं चलता है कि कोई डिवाइस पेगासस से संक्रमित थी या उसे हैक करने का प्रयास किया गया था।

फोन का तकनीकी विश्लेषण किए बिना निर्णायक रूप से यह बताना संभव नहीं है कि साइबर हमले के प्रयास हुए थे या सफलतापूर्वक समझौता किया गया था। इस वजह से रिपोर्ट ही स्पष्ट करती है कि किसी संख्या की उपस्थिति जासूसी का परिणाम नहीं है।