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जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर आतंकियों की घुसपैठ में 2020 में आई 70 प्रतिशत की कमी

एक सकारात्मक विकास में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सीमा पार से घुसपैठ वर्ष-दर-वर्ष गिरकर 2020 में 70 प्रतिशत पहुँच गई है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सेना की 15 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू ने यह आँकड़े साझा किए। उन्होंने बताया, “सेना एलओसी पर पूरे नियंत्रण में रहती है और हर तरह की आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार है।”

लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने जोर देकर कहा, “नियंत्रण रेखा पर हम काफी सक्रिय हैं क्योंकि पाकिस्तान आतंकवादियों को आगे बढ़ाने और हमारे आगे के क्षेत्रों में अशांति फैलाने की फिराक में है। वर्तमान में बर्फ के स्तर के कारण एलओसी पर घुसपैठ का क्षेत्र निश्चित रूप से थोड़ा सिकुड़ गया है लेकिन अब भी कुछ गतिविधियाँ जारी हैं।”

लेफ्टिनेंट जनरल ने यह विश्वास दिलाया कि भारतीय सेना ने भारतीय सेना ने घुसपैठ रोधी बाधा प्रणाली के आधार पर एक मजबूत घुसपैठ रोधी ग्रिड बनाया है। इसमें भौतिक बाधाएँ, सैनिक और प्रौद्योगिकियाँ शामिल हैं, जो घुसपैठियों का पता लगाने और उन्हें बेअसर करने में मदद करती हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि हालाँकि, बर्फबारी के कारण हर वर्ष इस प्रणाली का कुछ भाग क्षतिग्रस्त हो जाता है लेकिन गर्मियों में इसकी कुशलता को बरकरार रखने के लिए इसे सुदृढ़ कर दिया जाता है।