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इसरो- भारत के सॉफ्ट लैंडिंग मिशन में देरी, चंद्रयान-2 संभवतः फरवरी में

चंद्रयान-2 जो 3 जनवरी को प्रक्षेपित किया जाना था, अब फरवरी में लॉन्च किया जाएगा, डेक्कन क्रॉनिकल  ने रिपोर्ट किया। एक इसरो अधिकारी ने पीटीआई को बताया, “हम सब कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हमें विश्वास है कि फरवरी में हम इस मिशन को प्रारंभ कर पाएँगे।”

इसरो अध्यक्ष के सिवान ने पहले बताया था, “मार्च तक चांद की सतह पर उतरा जा सकता है।” हालाँकि इसरो ने इस देरी का कोई कारण स्पष्ट नहीं किया है। 22 अक्टूबर 2008 को चंद्रयान-1 के लॉन्च के दशक भर बाद 800 करोड़ रुपए की लागत से चंद्रयान-2 लॉन्च किया जाना है।

3,980 किलोग्राम वजनी स्पेसक्राफ्ट जीएसएलवी एमके-3 मून की सतह, वातावरण और खनिज पदार्थों का अध्ययन करेगा। विक्रम नामक लैंडर चांद की सतह पर चयनित स्थान पर उतरेगा। चांद की सतह पर उतरने वाला यह पहला रोवर होगा। यदि यह सफल हुआ तो अमरीका (यूएस), रूस (यूएसएसआर) और चीन के बाद सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला भारत चौथा देश होगा।