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“चंद्रयान-2 ने पूरा किया एक वर्ष, सभी वैज्ञानिक उपकरण अच्छा प्रदर्शन कर रहे”- इसरो
आईएएनएस - 21st August 2020

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने गुरुवार (20 अगस्त) को जानकारी दी कि दूसरे चंद्रमा अंतरिक्ष यान चंद्रयान -2 को चंद्र की कक्षा में चारों ओर परिक्रमा करते हुए एक वर्ष हो गया है। चंद्रयान-2 को 22 जुलाई 2019 को लॉन्च किया गया था और ठीक एक साल पहले 20 अगस्त को इसने चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया था।

हालाँकि, विक्रम लैंडर के उतरने का प्रयास सफल नहीं हुआ था। आठ वैज्ञानिक उपकरण लेकर गए चंद्रयान -2 ने सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया था।

ऑर्बिटर पर स्थित वैज्ञानिक पेलोड में टेरेन मैपिंग कैमरा, ऑर्बिटर हाई रेजॉल्यूशन कैमरा, चंद्रयान -2 लार्ज एरिया सॉफ्ट एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर, सोलर एक्स-रे मॉनिटर, इमेजिंग इंफ्रा-रेड स्पेक्ट्रोमीटर, दोहरी आवृत्ति सिंथेटिक एपर्चर राडार, चंद्रा के वायुमंडलीय संरचना एक्सप्लोरर और दोहरी आवृत्ति रेडियो विज्ञान प्रयोग शामिल हैं।

इसरो ने कहा, “अंतरिक्षयान ने चंद्रमा की कक्षा में करीब 4,400 परिक्रमा पूरी की है। इसके सभी उपकरण अच्छी तरह काम कर रहे हैं। अंतरिक्ष यान ठीक है और उप-प्रणालियों का प्रदर्शन सामान्य है। ऑर्बिटर को आवधिक कक्षा रखरखाव (ओएम) युद्धाभ्यास के साथ 100+/- 25 किमी ध्रुवीय कक्षा में बनाए रखा जा रहा है।”

24 सितंबर 2019 को 100 किमी चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश करने के बाद से उसने 17 ओएम किए हैं। इसरो ने कहा कि अंतरिक्ष यान में करीब सात वर्षों तक चलने के लिए पर्याप्त ईंधन है। इस ऑर्बिटर का अनुमानित लंबा जीवन चंद्रमा पर निरंतर उपस्थिति के लिए वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय के बीच बहुत योगदान कर सकता है।

इसरो ने कहा कि इस साल के अंत तक औपचारिक पीयर समीक्षा द्वारा सत्यापन के बाद सार्वजनिक डाटा जारी करने की योजना है। बता दें कि भारत के पहले चंद्र मिशन चंद्रयान-1 को चंद्रमा की सतह पर बड़ी मात्रा में पानी और उप-सतह ध्रुवीय पानी-बर्फ के संकेत खोजने का श्रेय जाता है।