समाचार
भारतीय सैटेलाइट एस्ट्रोसैट ने 9.3 अरब प्रकाश वर्ष दूर पराबैंगनी किरण का पता लगाया

भारत के पहले मल्टी वेवलेंथ उपग्रह एस्ट्रोसैट ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उसने एयूडीएफएस01 नामक आकाशगंगा से निकलने वाली तीव्र पराबैंगनी किरण का पता लगाया है, जो पृथ्वी से 9.3 अरब प्रकाश वर्ष दूर है।

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार (24 अगस्त) को पुणे स्थित इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (आईयूसीएए) की ओर से इस खोज को सार्वजनिक किया गया था। इसमें वैज्ञानिकों ने वैश्विक टीम का नेतृत्व किया, जिसने बड़ी सफलता हासिल की।

वैश्विक टीम का नेतृत्व डॉक्टर कनक साहा ने किया, जो आईयूसीएए में खगोल विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर हैं। उन्होंने भारत, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, संयुक्त राज्य अमेरिका (अमेरिका), जापान और नीदरलैंड के वैज्ञानिकों की एक टीम का नेतृत्व किया और दूर की आकाशगंगा का अवलोकन किया, जो हबल एक्सट्रीम डीप फील्ड में स्थित है।

साहा के नेतृत्व में टीम को दो वर्ष के सावधानी से एकत्र किए डाटा विश्लेषण के माध्यम से यह पुष्टि करने में लगा कि उत्सर्जन वास्तव में उक्त आकाशगंगा से है।

इस बीच, यह गौर किया जाना चाहिए कि पहले नासा का हबल स्पेस टेलीस्कोप (एचएसडी), जो कि एस्ट्रोसैट पर अल्ट्रा वॉयलेट इमेजिंग टेलिस्कोप (यूवीआईटी) से बड़ा है, इस आकाशगंगा के लिए किसी भी यूवी उत्सर्जन का पता नहीं लगा पाया था।