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भारत में स्वदेशी विनिर्माण पर ज़ोर के साथ हथियार आयात में आई 33 प्रतिशत की गिरावट

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एसआईपीआरआई) की रिपोर्ट कहती है कि भारत में हथियारों के आयात में 2011-15 और 2016-20 के बीच 33 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।

अमेरिकी हथियारों के भारत में आयात में 46 प्रतिशत की गिरावट आई है। साथ ही रूस के हथियारों के निर्यात में भी 53 प्रतिशत की कमी आई है।

दुनियाभर में रूस के हथियारों के निर्यात में 22 प्रतिशत की गिरावट आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कमी का 90 प्रतिशत भारत में निर्यात के गिरावट के आने के कारण है।

रिपोर्ट में कहा गया कि देश में अन्य चीजों के अलावा हथियारों के आयात में कमी आई है। अन्य देशों पर निर्भरता को कम करना इसकी एक बड़ी वजह है। वहीं, फ्रांस से हथियारों का आयात 709 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि इज़रायल से 82 प्रतिशत बढ़ा है।

एसआईपीआरआई की रिपोर्ट यह कहती है कि 2016 और 2020 के बीच वैश्विक हथियारों के निर्यात में देश की हिस्सेदारी 0.2 प्रतिशत है। इसने 2011-15 की अवधि में भारत को निर्यात का 24वाँ सबसे बड़ा निर्यातक बना दिया, जिसकी निर्यात हिस्सेदारी 0.1 प्रतिशत के मुकाबले 228 प्रतिशत थी। म्यांमार, श्रीलंका और मॉरीशस को अधिकांश भारत के हथियारों का निर्यात प्राप्त हुआ।