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तुर्की के बाद मलेशिया ने बोली पाकिस्तान की भाषा, कश्मीर पर कब्जे का आरोप लगाया

मलेशिया के प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) को संबोधित करते हुए अप्रत्यक्ष रूप से भारत को कश्मीर में हमलावर और कब्जा करने वाला बताया। इस पर भारतीय सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

महाथिर मोहम्मद ने अपने भाषण में आरोप लगाया, “संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के बावजूद कश्मीर पर हमला किया गया और कब्जा कर लिया गया। इसकी कार्रवाई की वजह हो सकती है लेकिन यह तब भी गलत है।”

उन्होंने भारत से पाकिस्तान के साथ काम करते हुए इस विवाद का कोई शांतिपूर्ण समाधान निकालने का निवेदन किया। साथ ही कश्मीर को एक अलग देश के रूप में बनाने के लिए कहा।

इस तरह के बयान देने वाले महाथिर मोहम्मद ने बीते दिनों भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने दोस्ताना संबंधों को दर्शाया था। इसके बाद अलग-अलग सोशल मीडिया के भारतीय उपयोगकर्ताओं ने मलेशिया के खिलाफ व्यापार में प्रतिबंध लगाने और कठोर कदम उठाने की मांग की।

कुछ दिनों पहले तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के समर्थन की स्थिति अपनाई थी। उन्होंने अपने देश के रुख को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के भारत विरोधी भावना और अलगाववाद के साथ जोड़ दिया था।

तुर्की राष्ट्रपति के बयान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्मेनिया और साइप्रस के नेताओं से मुलाकात की, जिनके ऐतिहासिक रूप से तुर्की के साथ बहुत तनावपूर्ण संबंध हैं।