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तकनीकी समानता में भारतीय महिलाएँ अमेरिका, यूरोप से आगे, आईटी क्षेत्र में 34 प्रतिशत
आईएएनएस - 7th November 2019

महिला सशक्तिकरण की वकालत करने वाले एक पेशेवर वैश्विक वकील ने बुुधवार (6 नवंबर) को कहा कि तकनीकी समानता के विषय में भारतीय महिलाओं की रोजगार दर यूरोपी एवं अमेरिकी महिलाओं की रोजगार दर से कहीं ज्यादा है।

“अमेरिका दरसल तकनीकी समानता के विषय में भारत से काफी पीछे है। अमेरिका में जहाँ या आँकड़ा करीब 25.5 प्रतिशत है वहीं यूरोप में इससे भी कम है। हमें बहुत गर्व है भारत की महिलाओं की इस प्रगति पर।”, अनीताबी.ओआरजी की मुख्य कार्यकारी एवं संस्थापक ब्रेंडा दर्डेंन विलकरसन ने आईएएनएस  को बताया।

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के उद्योग निकाय बिज़नेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (नैसकॉम) ने बताया कि तकनीकी क्षेत्र में कुल 41 लाख कर्मचारियों में से भारतीय महिलाओं की संख्या करीब 34 प्रतिशत है जबकि भारत में है।

नैसकॉम के उपाध्यक्ष के एस विश्वनाथन ने आईएएनएस को बताया, “भारत में लगभग एक तिहाई तकनीकी कर्मचारी महिलाएँ है।”

भारत की वैश्विक प्रौद्योगिकी प्रमुख इंफोसिस का कार्यालय बेंगलुरु में है और यहाँ पर काम करने वाली महिलाओं की संख्या करीब 88,446 है दो लगभग 37 प्रतिशत होता है (2019-20 की दूसरी तिमाही तक)।

विलकर्सन ने आगे कहा, “भारत की महिलाएँ विज्ञान,अभियांत्रिकी, प्रौद्योगिकी एवं गणित पढ़ी हुई हैं और उनके अंदर प्रौद्योगिकी को लेकर आकांक्षा है।”

भारत में हुई ग्रेस हॉपर सेलिब्रेशन सम्मेलन के दौरान विलकर्सन ने तकनीकी समानता में 50:50 की दर साल 2025 तक हासिल करने की बात भी कही ताकि महिलाओं की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत हो तकनीकी कामों में।

विलकर्सन के अनुसार इस लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ साझेदारी और जिस समस्या की वजह से महिलाएँ तकनीकी क्षेत्र में आगे नहीं आ पा रहीं हैं उस समस्या को जड़ से दूर करना होगा।

“इंसान की कामयाबी के लिए नेटवर्किंग, साथ, गुरु, प्रायोजकता बहुत ज़रूरी हैं। इसलिए हम चाहते हैं कि महिलाओं को ये सब दें सकें।”, विलकर्सन ने कहा।