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रेलवे ने पूर्वी क्षेत्र में शत प्रतिशत विद्युतीकरण किया, 2023 तक देशभर का लक्ष्य

निमिता के विद्युतीकरण के साथ पश्चिम बंगाल राज्य में नए फरक्का रेलवे खंड में पूर्वी रेलवे क्षेत्र ने पूर्ण विद्युतीकरण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, तेज़ी से किए गए काम की वजह से यह परियोजना पूरी कर ली गई। उदाहरण के लिए पश्चिम बंगाल में पूर्वी रेलवे जोन ने 2009-14 के दौरान सिर्फ 710 किलोमीटर विद्युतीकरण किया था। यह 2014-19 में बढ़कर 1,290 किलोमीटर हो गया था। सिर्फ 2019-20 में राज्य में 153 किलोमीटर विद्युतीकरण पूरा किया गया।

मोदी सरकार के निर्देशन में भारतीय रेलवे दिसंबर 2023 तक सभी ब्रॉड गेज मार्गों के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है।

पूर्वी रेलवे के महाप्रबंधक मनोज जोशी ने कहा, “2014-2020 के दौरान पूर्वी रेलवे क्षेत्र में भारतीय रेलवे द्वारा अवसंरचनात्मक कार्यों पर 19811.7 करोड़ रुपये और यात्री सुविधाओं पर 710.3 करोड़ रुपये का निवेश किया गया। 2009-14 के दौरान 335 किलोमीटर की तुलना में 2014-19 में पश्चिम बंगाल में 661 किलोमीटर नई लाइन, डबल लाइन, ट्रिपल लाइन, चार लाइन चालू की गई थीं।

पूर्वी रेलवे भारतीय रेलवे के 18 क्षेत्रों में से एक है। इसका मुख्यालय पश्चिम बंगाल के कोलकाता और बिहार व झारखंड के कुछ हिस्सों में है।