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जीपीएस प्रणाली से लैस कर ट्रेनों को समय पाबंद बनाने के लिए इसरो करेगा सहायता

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने कहा, “वित्तीय वर्ष 2020 तक सभी इंजनों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) उपकरण और प्रमुख जंक्शनों पर सीसीटीवी लगाने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्री सुरक्षा में सुधार किए जाएँगे।”

रेल एनालिसिस की रिपोर्ट के अनुसार, वास्तविक समय ट्रेन सूचना प्रणाली (आरटीआईएस) योजना के हिस्से के रूप में जीपीएस प्रणाली ट्रेनों की वास्तविक समय स्थिति का पता लगाने के लिए लगाई जाएगी। ट्रेनों की समय पाबंद प्रणाली में सुधार के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सहयोग से आरटीआईएस लागू किया जाएगा।

विनोद कुमार यादव ने कहा, “ट्रेनों की स्थिति और गति को इसरो के उपग्रहों से रेलवे के कंट्रोल ऑफिस एप्लीकेशन (सीओए) प्रणाली के माध्यम से नियंत्रण चार्ट पर अपने आप प्रसारित किया जाएगा। साथ ही सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों को वाई-फाई से लैस किया जाएगा।”

ईस्ट कोस्ट रेलवे (ईसीओआर) के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, “इस बार लक्ष्य वित्त वर्ष में 200 मिलियन टन (एमटी) माल ढुलाई का है। ओडिशा में लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अधिक धनराशि का आवंटन किया जाएगा। इससे उम्मीद है कि भूमि अधिग्रहण की समस्याएँ हल हो जाएँगी।”