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रेलवे ने ट्रेन में महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए ‘मेरी सहेली’ पहल की शुरुआत की

भारतीय रेलवे ने ट्रेनों से यात्रा करने वाली महिला यात्रियों को शुरुआती स्टेशन से लेकर गंतव्य स्टेशन तक संपूर्ण यात्रा के दौरान सभी क्षेत्रों में सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के उद्देश्य से मेरी सहेली पहल नाम की योजना की शुरुआत की है।

रेल मंत्रालय ने गुरुवार (29 अक्टूबर) को एक बयान में कहा, “रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की पहल की रणनीति विशेष रूप से चलती ट्रेन में महिला यात्रियों की समस्याएँ सुनना है। खासकर, युवा महिला आरपीएफ कर्मियों की टीम उन पर विशेष ध्यान देगी, जो अकेले यात्रा कर रही हैं। उनको यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सभी सावधानियों के बारे में बताएँगी और कहा जाएगा कि कोच में कोई समस्या होने पर वे 182 नंबर डायल करें।”

आरपीएफ टीम केवल महिलाओं की सीट संख्या एकत्र करती है और समस्या होने पर रास्ते में पड़ने वाले स्टेशन पर ट्रेन रुकवाती है। वहाँ पर आरपीएफ के जवान संबंधित कोच और बर्थ पर नज़र रखते हैं और आवश्यकता पड़ने पर महिला यात्रियों से बातचीत करते हैं।

मंत्रालय ने कहा कि आरपीएफ-आरपीएसएफ एस्कॉर्ट ऑनबोर्ड भी अपनी ड्यूटी के दौरान सभी कोच-पहचान वाले बर्थ पर नज़र रखता है।

रेलवे ने कहा, “गंतव्य पर आरपीएफ की टीमें पहचानी गई महिला यात्रियों से प्रतिक्रिया एकत्र करती हैं। फिर प्रतिक्रिया का विश्लेषण किया जाता है और अगर किसी सुधारात्मक कार्रवाई की आवश्यकता लगती है तो उस पर अमल किया जाता है। अगर कोई महिला यात्री मेरी सहेली पहल के तहत फोन पर शिकायत करके आती है तो समस्या के निवारण के लिए निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर की जाती है।”

मेरी सहेली पहल की शुरुआत सितंबर 2020 में दक्षिण पूर्वी रेलवे में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई थी। महिला यात्रियों की उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिलने के बाद इसका 17 अक्टूबर 2020 से सभी क्षेत्रों के लिए विस्तार कर दिया गया था।