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44 वंदे भारत ट्रेनों के लिए संशोधित निविदा जारी, 75% स्थानीय समाग्री की अनिवार्यता

केंद्र सरकार द्वारा मेक इन इंडिया की ओर कदम बढ़ाते हुए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए भारतीय रेलवे ने 44 सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन सेटों के लिए एक संशोधित निविदा जारी की है। इसमें 75 प्रतिशत स्थानीय सामग्री अनिवार्य है।

लाइवमिंट की रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम भारतीय रेलवे द्वारा 21 अगस्त को पिछला टेंडर रद्द करने के बाद आया है। पिछली निविदा में 50 प्रतिशत से बहुत कम स्वदेशी सामग्री की अनिवार्यता थी। इसके लिए छह आवेदकों से बोलियाँ प्राप्त की गई थीं, जिसमें चीन स्थित सीआरआरसी पायनियर इलेक्ट्रिक भी शामिल थी।

29 सितंबर के लिए एक प्री-बिडिंग कार्यक्रम निर्धारित किया गया है, जिसके बाद नए टेंडर की बोलियाँ 17 नवंबर को खोली जाएँगी।

44 ट्रेन सेट्स चेन्नई में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ), कपूरथला में रेल कोच फैक्ट्री (आरसीएफ) और रायबरेली में मॉडर्न कोच फैक्ट्री (एमसीएफ) में निर्मित किए जाएँगे। पहले दो वंदे भारत ट्रेन सेट जो पहले से ही सेवा में हैं, उसको आईसीएफ ने ही निर्मित किया था।

दोनों ट्रेनें वर्तमान में दिल्ली और वाराणसी और दिल्ली और कटरा के बीच जम्मू-कश्मीर के मार्गों पर सेवा दे रही हैं। अस्थायी तौर पर 24 ट्रेन सेटों (16 कार रेक्स) को क्रमशः आईसीएफ और 10 को एमसीएफ और आरसीएफ को आवंटित किया गया है।

नवीनतम निविदा के दस्तावेज़ के अनुसार, केवल कक्षा-1 का स्थानीय आपूर्तिकर्ता ही बोली लगाने के लिए पात्र होगा।