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“यूएनजीए के सामने जम्मू-कश्मीर मुद्दा रखने के लिए पाकिस्तान फैला सकता है हिंसा”

पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर पर विश्व समुदाय का ध्यान आकर्षित करने के लिए अंतर-राष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर हिंसा बढ़ाने की कोशिश में लगा हुआ है। भारतीय अधिकारियों का कहना है, “ऐसा करके वह संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) का ध्यान राज्य की ओर खींचना चाहता है।”

टीओआई  की रिपोर्ट के अनुसार, खुफिया जानकारी के हवाले से सुरक्षा अधिकारी ने कहा, “आतंकवादी घुसपैठ और सीमा पार से गोलीबारी आने वाले दिनों में बढ़ने की उम्मीद है। इसके जरिए इस्लामाबाद जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद की परेशानी की तस्वीर पेश करना चाहता है। सीमा के साथ भीतरी इलाकों में सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया गया है, ताकि पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के मंसूबों को नाकाम किया जा सके।”

यूएनजीए की बैठक 17 सितंबर से शुरू होनी है। खुफिया जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान को लगता है कि उसके पास जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने का यह सही समय होगा। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 समाप्त करने के बाद पाकिस्तान लगातार भारत के खिलाफ विश्व शक्तियों से संपर्क कर रहा है लेकिन चीन के अलावा उसका किसी ने भी समर्थन नहीं किया।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सामान्य सलाह जारी की कि वे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करें। यूएनजीसी की बैठक में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी इमरान खान भी हिस्सा लेंगे।

बीते दिनों 15 कोर लेफ्टिनेंट जनरल के जेएस ढिल्लन और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक मुनीर खान ने पाकिस्तान पर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देकर कश्मीर में घुसपैठ करवाने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था, “दो पाकिस्तानी नागरिकों को पकड़ा गया, जो लश्कर के आतंकी हैं और सीमा पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे।”