समाचार
भारतीय नौसेना को चाहिए तीसरा विमान वाहक, पूरी होगी भावी सामरिक आवश्यकता

भारतीय नौसेना ने तीसरे विमान वाहन की सामरिक आवश्यकता बताते हुए भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान से माँग की है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय नौसेना के पास वर्तमान में एक परिचालन विमान वाहक आईएनएस विक्रमादित्य है। वर्तमान में दूसरा स्वदेशी विमान वाहक 1 (आईएसी 1) का निर्माण किया जा रहा है।

रिपोर्ट में एक नौसेना अधिकारी के हवाले से कहा गया, “तीसरा विमान वाहक नौसेना के लिए एक सामरिक आवश्यकता है। दरअसल, तीसरा विमान वाहक वृद्धि क्षमता प्रदान करेगा, जो भविष्य में बेहद आवश्यक होगा।”

अधिकारी ने कहा, “जब दूसरे वाहक को अधिकृत किया जाएगा तो पहले वाला दुरुस्त होने के लिए जाएगा। इस वजह से फिर हम एक पोत के सहारे ही रह जाएँगे। अगर आपके पास दो पोत हैं तो युद्ध के क्षेत्र में यह आपके विकल्पों को और बढ़ा देता है।”

उन्होंने कहा, “तीसरे विमान वाहक का निर्माण करने का मतलब यह होगा कि भारत विमान वाहक विमानों के संचालन में नौसेना के कौशल का प्रभावी ढंग से उपयोग करेगा। भारत में निर्मित विमानवाहक पोत के निर्माण का एक और फायदा यह है कि इसके 90 प्रतिशत खर्चों को भारतीय अर्थव्यवस्था में पुनर्निर्मित किया जाता है।”