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“2022 से सेना विमानन कोर में पायलट के रूप में शामिल होंगी महिलाएँ”- एमएम नरवाणे

एक प्रमुख विकास में महिलाओं को 2022 से सेना विमानन कोर में पायलट के रूप में शामिल किया जाना तय हुआ है। इसके परिणामस्वरूप वे अग्रिम स्थानों पर हेलीकॉप्टर उड़ाने और सीमा संचालन में भाग लेना शुरू करेंगी।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस सकारात्मक विकास की घोषणा खुद भारतीय सेना के प्रमुख जनरल एमएम नरवाणे ने की थी। यह महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि वर्तमान में महिलाएँ भारतीय सेना की विमानन कोर में केवल ज़मीनी कर्तव्यों के एक हिस्से के रूप में काम करती हैं। जनरल नरवाणे ने कहा, “प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई है।”

उन्होंने कहा, “मैं गत माह इस दिशा में एक प्रस्ताव लाया था। जुलाई में शुरू होने वाले अगले पाठ्यक्रम में महिलाओं को उड़ान शाखा में प्रशिक्षण के लिए शामिल किया जाएगा। इसके एक वर्ष बाद वे परिचालन कर्तव्यों में शामिल होने में सक्षम होंगी।”

भारतीय सेना ने 1 नवंबर 1986 को सेना विमानन कोर की शुरुआत की थी। इसमें हेलीकॉप्टर शामिल किए गए, जो संघर्ष और शांति क्षेत्रों में उड़ान भरते हैं। इन्हें ऊँचाई वाले क्षेत्रों में अभियान या स्वास्थ्य आपात स्थिति के दौरान घायल सैनिकों को निकालने की कार्रवाई में लगाया जाता है। यह किसी चीज को ढूँढ़ने, अवलोकन करने, हताहतों को बाहर निकालने के साथ महत्वपूर्ण खोज और बचाव के लिए कार्य करते हैं।