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भारतीय सेना पैंगोंग सो में 5.8 किमी की ऊँचाई पर पीएलए के विरुद्ध सर्दियों के लिए तैयार

फिंगर-4 के पर्वतीय क्षेत्र में 5,800 मीटर की ऊँचाई पर सर्दियों में भारतीय सेना और चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) शीतकालीन धीरज परिक्षण देने को तैयार हैं। लद्दाख क्षेत्र में कराकोरम और कैलाश पर्वतमाला में हल्की बर्फबारी की शुरुआत के साथ एक-दूसरे का सामना कर रहे हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, दिवाली के बाद सर्दी के प्रचंड होने की आशंका है। दोनों देशों के बीच गतिरोध अधिक है क्योंकि पीएलए भारतीय सेना पर आरोप लगा रही है कि 29-30 अगस्त को पैंगॉन्ग त्सो के दक्षिण में पूर्व की ओर वे बढ़े, जिससे उनकी वापसी की योजना खत्म हो गई है।

लद्दाख में 1,597 किमी लंबी एलएसी पर स्थिति तनावपूर्ण है। हालाँकि, भारतीय सेना की एक छोड़ी टुकड़ी गोगरा हॉट स्प्रिंग्स या गश्ती प्वाइंट 17 ए पर पीएलए की सेना का सामना करते हुए स्थिति नियंत्रण में किए है। पैंगॉन्ग त्सो के उत्तरी किनारे की फिंगर-4 पर दोनों तरफ कम संख्या में टुकड़ियाँ तैनात हैं। पीएलए सेना फिंगर 6 के पीछे और भारतीय सेना फिंगर 3 पर भी तैनात है।

अक्टूबर में लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह की जगह पर भारतीय सेना के पास लेफ्टिनेंट जनरल पीजी के मेनन के रूप में एक नया लद्दाख कोर कमांडर होगा। उन्हें एलएसी का अधिक अनुभव है क्योंकि वह अरुणाचल प्रदेश के तवांग में एक डिवीजन की कमान संभालने से पहले लद्दाख में 16 कॉर्प्स के ब्रिगेड जनरल स्टाफ (ऑपरेशन) थे।

कुल मिलाकर एक और दौर के रूप में भारत और चीन सैन्य कूटनीतिक वार्ता के जरिए लद्दाख में पीछे हटने की कार्यवाही को लेकर जल्द ही आगे आएँगे। भारतीय सेना के कमांडरों को आगे आने वाली लंबी सर्दियों के लिए तैयार किया जा रहा है। नवंबर के बाद से भारतीय सेना वहाँ पर दुश्मनों के सामने खड़े होकर शक्ति दिखाएगी।