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सेना ने की भारतीय ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के खराब गुणवत्ता वाले गोला-बारूद की शिकायत

सेना ने ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) द्वारा टैंक, आर्टिलिटी, एयर डिफेंस और अन्य बंदूकों के लिए आपूर्ति की जा रही गोला-बारूद की खराब गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त की है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस संबंध में सेना ने रक्षा मंत्रालय को जानकारी दी है कि घटिया गुणवत्ता के गोला-बारूद के कारण दुर्घटनाओं में सैनिक घायल हो रहे, उनकी जान जा रही है और रक्षा उपकरणों को भी नुकसान हो रहा है।

रिपोर्ट में रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सेना ने रक्षा उत्पादन सचिव अजय कुमार के सामने इस बारे में गंभीर चिंता जाहिर की है। ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड भारत में 412 कारखाने चलाता है। इसका सालाना कारोबार 19,000 करोड़ रुपये से अधिक का है। भारतीय सेना के लिए यह 12 लाख से अधिक हथियारों और गोला-बारूद का मुख्य आपूर्तिकर्ता है।

सेना ने बताया कि 105एमएम की इंडियन फील्ड गन, 105 एमएम लाइट फील्ड गन, 130 एमएम एमए1 मीडियम गन, 40 एमएम एल-70 एयर डिफेंस गन और टी-72, टी-90 व अर्जुन टैंक की तोपों के साथ नियमित तौर पर दुर्घटनाएँ सामने आ रही हैं। इसके अलावा, खराब गुणवत्ता के गोला-बारूद के कुछ केस 155 एमएम की बोफोर्स तोपों के मामले में भी सामने आए हैं।

फरवरी में एक दुर्घटना के बाद एल -70 एयर डिफेंस गन द्वारा 40 मिमी उच्च विस्फोटक गोला बारूद के प्रशिक्षण फायरिंग को रोक दिया गया है। इसमें एक अधिकारी और चार सैनिकों को गंभीर चोटें आई थीं।